
‘वो बात अलग थी...’ Ranaji 2.0 पर ममता कुलकर्णी ने तोड़ी चुप्पी, बॉलीवुड कमबैक के लिए रखी बड़ी शर्त
‘मुझको राणाजी माफ करना’ के नए वर्जन ‘Ranaji 2.0’ पर ममता कुलकर्णी ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने माहिरा शर्मा की परफॉर्मेंस की तारीफ की, लेकिन माना कि ओरिजिनल गाने की छाप आज भी दर्शकों के दिलों में गहरी है। साथ ही उन्होंने फिल्मों में वापसी के लिए दमदार कहानी और अपनी मौजूदा सोच के अनुरूप किरदार की शर्त रखी है।

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नया चेहरा, नया अंदाज... लेकिन याद फिर ममता की आई
करीब तीन दशक पुराने एक गाने को नए ग्लैमर, नई कोरियोग्राफी और नए चेहरे के साथ दोबारा पेश किया गया, लेकिन ‘Ranaji 2.0’ रिलीज होते ही तुलना सीधे ममता कुलकर्णी तक पहुंच गई। माहिरा शर्मा पर फिल्माए गए इस गाने को रेमो डिसूजा ने कोरियोग्राफ किया है। सोशल मीडिया पर कुछ दर्शकों ने इसकी आधुनिक प्रस्तुति पसंद की, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने ओरिजिनल गाने की ऊर्जा और ममता की स्क्रीन मौजूदगी को याद किया।
अब ममता कुलकर्णी ने खुद इस तुलना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने माहिरा की मेहनत को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने अच्छा काम किया है, लेकिन पुराने गाने की छवि लोगों की स्मृति में इतनी मजबूत है कि नया संस्करण देखते ही दर्शकों को मूल प्रस्तुति याद आ जाती है। ममता के मुताबिक दोनों गानों की शैली भी अलग है—पहला भारतीय पोशाक और पारंपरिक डांस मूव्स पर आधारित था, जबकि नया संस्करण अधिक आधुनिक और पश्चिमी रूप में बनाया गया है।
‘ओरिजिनल गाना लोगों के दिलों में दर्ज है’
ममता ने सीधे तौर पर नए गाने को खारिज नहीं किया। उन्होंने माहिरा शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद उनका मानना है कि ‘मुझको राणाजी माफ करना’ का मूल संस्करण अपने समय, संगीत, वेशभूषा और नृत्य के कारण एक अलग पहचान बना चुका है।
यही वजह है कि नए गाने की समीक्षा केवल उसकी अपनी प्रस्तुति के आधार पर नहीं हो रही, बल्कि उसे लगातार 1995 की फिल्म ‘करण अर्जुन’ के लोकप्रिय गीत से तुलना का सामना करना पड़ रहा है। मूल गाना ममता कुलकर्णी पर फिल्माया गया था और अलका याग्निक तथा इला अरुण की आवाज ने इसे लंबे समय तक लोकप्रिय बनाए रखा।
रिहर्सल की मेहनत, शूटिंग के दिन बदल गए सारे स्टेप्स
ओरिजिनल गाने की शूटिंग याद करते हुए ममता ने बताया कि कोरियोग्राफर चिन्नी प्रकाश ने अभ्यास के लिए दो से तीन दिन रखे थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले ही दिन सभी डांस स्टेप्स सीख लिए थे, लेकिन शूटिंग के दिन उन्हें पता चला कि कोरियोग्राफी बदल दी गई है।
ममता के अनुसार उन्होंने उस समय सवाल भी किया था कि जब स्टेप्स बदलने ही थे तो लंबी रिहर्सल क्यों कराई गई। इसके बावजूद पूरी टीम ने बदले हुए स्टेप्स के साथ समय पर शूटिंग पूरी की। उन्होंने इस अनुभव को चिन्नी प्रकाश की प्रतिभा और बड़े सेट पर तेजी से काम कराने की क्षमता से जोड़ा।
राकेश रोशन को दिया ‘करण अर्जुन’ की सफलता का श्रेय
ममता ने फिल्म के निर्देशक राकेश रोशन की भी तारीफ की। उनका कहना था कि बड़ी स्टारकास्ट, सैकड़ों डांसर्स और कई भव्य गानों वाली फिल्म को संभालना आसान नहीं था। ‘मुझको राणाजी माफ करना’ के साथ ‘जय मां काली’, ‘भंगड़ा पा ले’ और ‘एक मुंडा मेरी उम्र का’ जैसे गानों ने फिल्म की संगीत पहचान मजबूत की थी।
उनके मुताबिक ‘करण अर्जुन’ की सफलता केवल कलाकारों की लोकप्रियता पर आधारित नहीं थी, बल्कि इसके निर्देशन, संगीत और बड़े स्तर पर फिल्माए गए गानों ने भी दर्शकों पर स्थायी असर छोड़ा। यही कारण है कि दशकों बाद भी फिल्म के गानों को नए रूप में दोबारा पेश किया जा रहा है।
वापसी के लिए तैयार, मगर अब केवल ग्लैमर काफी नहीं
लंबे समय से फिल्मों से दूर ममता कुलकर्णी ने बॉलीवुड में संभावित वापसी पर भी बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रस्ताव मिल रहे हैं और अच्छी स्क्रिप्ट सामने आने पर वह दोबारा अभिनय करने पर विचार कर सकती हैं। हालांकि इस बार उनका चुनाव 90 के दशक जैसा नहीं होगा।
ममता ने स्पष्ट किया कि अब वह किसी प्रोजेक्ट को केवल गाने, ग्लैमर या लोकप्रियता के आधार पर स्वीकार नहीं करेंगी। उनके अनुसार आध्यात्मिक झुकाव के बाद उनकी सोच और प्राथमिकताएं बदल गई हैं। वह कहानी, संवाद, गाने के बोल और किरदार के संदेश को समझने के बाद ही कोई फैसला लेंगी।
आज वही गाना शायद नहीं कर पातीं ममता
ममता ने माना कि 90 के दशक में उनका ध्यान मुख्य रूप से डांस स्टेप्स और स्क्रीन परफॉर्मेंस पर रहता था। उस समय वह गाने के शब्दों के अर्थ को उतनी गंभीरता से नहीं देखती थीं। अब स्थिति बदल चुकी है और वह ‘मुझको राणाजी माफ करना’ जैसे गीत को उन्हीं शब्दों और प्रस्तुति के साथ दोबारा करने में सहज नहीं होंगी।
यानी ममता कुलकर्णी का कमबैक संभव है, लेकिन उसका रास्ता किसी रीमिक्स या पुराने ग्लैमर की वापसी से नहीं गुजरेगा। उनकी शर्त साफ है—कहानी मजबूत हो, किरदार में अर्थ हो और प्रोजेक्ट उनकी वर्तमान आध्यात्मिक तथा व्यक्तिगत सोच से मेल खाता हो।



