UK के बाद भारत से भी वेस्ट बैंक पर एक्शन की मांग, ओवैसी बोले- मोदी सरकार उठाए कदम
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वेस्ट बैंक की इजरायली बस्तियों से आने वाले उत्पादों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने ब्रिटेन के फैसले का हवाला देते हुए भारत से भी इसी तरह का कदम उठाने की अपील की।

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वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक मांग उठी है। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि भारत भी अधिकृत वेस्ट बैंक में स्थित इजरायली बस्तियों में बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाए।
ओवैसी ने अपनी मांग के समर्थन में ब्रिटेन के हालिया फैसले का हवाला दिया। उनका कहना है कि ब्रिटेन के बाद कई अन्य देश भी इसी दिशा में कदम उठाने की तैयारी में हैं।
ओवैसी ने UK के फैसले का दिया हवाला
ओवैसी के मुताबिक, ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक में स्थित इजरायली बस्तियों से उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य बस्तियों के विस्तार और वहां फिलिस्तीनियों के खिलाफ होने वाली हिंसा को लेकर दबाव बनाना है।
AIMIM प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार से भी इसी तरह की नीति अपनाने की अपील की। उनका कहना है कि इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत की ओर से ऐसा कदम उठाना महत्वपूर्ण होगा।
11 और देशों के कदम उठाने का दावा
ओवैसी ने अपने बयान में दावा किया कि 11 अन्य देश भी इजरायली बस्तियों से आने वाले सामान पर इसी तरह की पाबंदियां लगाने वाले हैं।
उन्होंने इसे इजरायली बस्तियों के लगातार विस्तार और फिलिस्तीनियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के संदर्भ में रखा। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे फैसलों से इजरायल पर दबाव बढ़ सकता है।
ब्रिटेन ने क्यों लिया फैसला?
ब्रिटेन का यह कदम वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों को लेकर उसकी नीति में सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। ब्रिटिश सरकार के अनुसार, बस्तियों से जुड़े व्यापार पर प्रतिबंध का मकसद इजरायली कब्जे को लेकर दबाव बढ़ाना और दो-राष्ट्र समाधान की संभावना को बनाए रखना है।
इसी मुद्दे पर फ्रांस और कनाडा की ओर से भी इसी तरह के कदम उठाए जाने की चर्चा है। यदि कई देश एक साथ ऐसी पाबंदियां लगाते हैं तो इससे इजरायली बस्तियों से जुड़े आर्थिक और कूटनीतिक दबाव में इजाफा हो सकता है।
वेस्ट बैंक की बस्तियां क्यों हैं विवाद का केंद्र?
वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों का विस्तार लंबे समय से इजरायल और फिलिस्तीन के बीच विवाद का प्रमुख मुद्दा रहा है। बस्तियों के निर्माण और विस्तार को लेकर फिलिस्तीनी पक्ष और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं लगातार आपत्ति जताती रही हैं।
2024 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने भी अपनी सलाहात्मक राय में इजरायल के कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों से संबंधित स्थिति पर गंभीर चिंता जताई थी और बस्तियों को लेकर कानूनी सवाल उठाए थे।
अब भारत की नीति पर नजर
ओवैसी की मांग ऐसे समय आई है जब वेस्ट बैंक की स्थिति को लेकर कई देशों की नीतियों में सख्ती की चर्चा हो रही है। भारत लंबे समय से इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखने की नीति अपनाता रहा है।
ऐसे में यह मांग भारत सरकार के सामने एक अलग कूटनीतिक सवाल भी खड़ा करती है कि वह वेस्ट बैंक की इजरायली बस्तियों से जुड़े उत्पादों और व्यापार को लेकर आगे क्या रुख अपनाती है।