LIVE
ताज़ा समाचार लोड हो रहे हैं...
होम
फोन की बैटरी चुपचाप खाली कर रहे Google के ये ऐप्स! आज ही बदलें जरूरी सेटिंग्स
बैकग्राउंड सिंक, लोकेशन और हाई वीडियो क्वालिटी फोन की बैटरी खपत बढ़ा सकती है।लोकस्वामी ग्राफिक्स
Tech
ई-पेपर

फोन की बैटरी चुपचाप खाली कर रहे Google के ये ऐप्स! आज ही बदलें जरूरी सेटिंग्स

Digital News Desk4 min read30/07/26

स्मार्टफोन की बैटरी तेजी से खत्म होने की वजह हमेशा पुरानी बैटरी नहीं होती। Chrome, YouTube, Gmail, Google Maps और Google Home जैसे ऐप्स बैकग्राउंड सिंक, लोकेशन, वीडियो क्वालिटी और इंटरनेट के कारण अतिरिक्त पावर खर्च कर सकते हैं। कुछ सेटिंग्स बदलकर बैटरी बैकअप बेहतर किया जा सकता है।

Lokswami AI

फोन इस्तेमाल नहीं किया, फिर भी बैटरी कम कैसे हो गई?

सुबह फोन पूरा चार्ज किया, कुछ कॉल और मैसेज किए, लेकिन दोपहर तक बैटरी आधी रह गई। ऐसी स्थिति में अक्सर लोग फोन की बैटरी को खराब मान लेते हैं, जबकि असली वजह बैकग्राउंड में सक्रिय ऐप्स भी हो सकते हैं। कई Google ऐप्स इस्तेमाल बंद होने के बाद भी ईमेल सिंक करने, लोकेशन जांचने, नोटिफिकेशन भेजने और डेटा अपडेट करने जैसी प्रक्रियाएं जारी रखते हैं।

इस दौरान मोबाइल डेटा, वाई-फाई, जीपीएस, ब्लूटूथ, रैम और प्रोसेसर का इस्तेमाल होता रहता है। इसलिए बैटरी तेजी से गिरने पर सीधे बैटरी बदलने के बजाय सबसे पहले फोन की Battery Usage रिपोर्ट देखना जरूरी है।


Chrome में खुले टैब बढ़ाते हैं फोन पर दबाव

Google Chrome में कई टैब लंबे समय तक खुले रहने पर फोन की मेमोरी और प्रोसेसर पर दबाव बढ़ सकता है। कुछ वेबसाइट बैकग्राउंड में ऑटो-रिफ्रेश होती रहती हैं, जबकि विज्ञापन, वीडियो और दूसरे वेब एलिमेंट भी संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं।

जिन टैब की आवश्यकता नहीं है, उन्हें बंद कर देना बेहतर है। Chrome की सेटिंग में जाकर गैरजरूरी नोटिफिकेशन और वेबसाइट परमिशन भी बंद की जा सकती हैं। ब्राउजर का इस्तेमाल खत्म होने के बाद उसे खुला छोड़ने के बजाय अनावश्यक टैब नियमित रूप से हटाते रहें।


YouTube की हाई वीडियो क्वालिटी बैटरी पर भारी

YouTube पर 1080p, 2K या 4K क्वालिटी में लगातार वीडियो देखने से फोन को अधिक प्रोसेसिंग करनी पड़ती है। हाई रिजॉल्यूशन के साथ स्क्रीन, स्पीकर, इंटरनेट और ग्राफिक्स प्रोसेसर एक साथ काम करते हैं, जिससे बैटरी तेजी से खर्च होती है।

बैटरी बचाने के लिए वीडियो क्वालिटी को Auto या 720p पर रखा जा सकता है। मोबाइल डेटा के बजाय वाई-फाई का इस्तेमाल और स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखना भी उपयोगी हो सकता है। जरूरत न होने पर ऑटोप्ले बंद करने से अगला वीडियो अपने आप चलने से रोका जा सकता है।


Gmail का लगातार सिंक भी हो सकता है जिम्मेदार

यदि Gmail ऐप में कई ईमेल अकाउंट जुड़े हैं, तो ऐप प्रत्येक अकाउंट में नए मेल, अटैचमेंट और नोटिफिकेशन जांचने के लिए बार-बार सिंक करता है। ज्यादा अकाउंट और लगातार आने वाले ईमेल की स्थिति में यह प्रक्रिया बैटरी और मोबाइल डेटा दोनों की खपत बढ़ा सकती है।

जिन अकाउंट का कम इस्तेमाल होता है, उनके लिए ऑटो-सिंक बंद या सीमित किया जा सकता है। गैरजरूरी ईमेल नोटिफिकेशन भी बंद रखें। हालांकि जरूरी कार्यालय या व्यक्तिगत अकाउंट का सिंक बंद करने से महत्वपूर्ण मेल मिलने में देरी हो सकती है, इसलिए सेटिंग जरूरत के हिसाब से बदलें।


Google Maps में GPS, डेटा और स्क्रीन तीनों सक्रिय

Google Maps से नेविगेशन करते समय जीपीएस, मोबाइल इंटरनेट और फोन की स्क्रीन एक साथ सक्रिय रहते हैं। लाइव ट्रैफिक, लोकेशन अपडेट और रास्ते से जुड़ी जानकारी लगातार प्रोसेस होने के कारण नेविगेशन के दौरान बैटरी की खपत सामान्य से अधिक होती है।

मैप्स का उपयोग पूरा होने के बाद नेविगेशन बंद करना जरूरी है। ऐप की लोकेशन अनुमति को जरूरत के अनुसार Allow only while using the app पर रखा जा सकता है। यात्रा से पहले ऑफलाइन मैप डाउनलोड करने से कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में डेटा और बैटरी की कुछ बचत हो सकती है।


Google Home लगातार डिवाइस से बनाए रख सकता है संपर्क

Google Home ऐप स्मार्ट स्पीकर, कैमरा, टीवी, लाइट और दूसरे स्मार्ट उपकरणों को नियंत्रित करने के लिए वाई-फाई, ब्लूटूथ और लोकेशन जैसी सेवाओं का उपयोग करता है। कई स्मार्ट डिवाइस जुड़े होने पर ऐप बैकग्राउंड में उनकी स्थिति और नेटवर्क कनेक्शन जांच सकता है।

यदि Google Home का नियमित इस्तेमाल नहीं होता, तो उसकी बैकग्राउंड गतिविधि और गैरजरूरी परमिशन सीमित की जा सकती हैं। हालांकि स्मार्ट कैमरा अलर्ट या होम ऑटोमेशन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को सेटिंग बंद करने से पहले जरूरी सुविधाओं पर पड़ने वाले असर को देखना चाहिए।


बैटरी बचाने के लिए फोन में बदलें ये सेटिंग्स

सबसे पहले फोन के Settings > Battery > Battery Usage सेक्शन में जाकर देखें कि पिछले 24 घंटे में किस ऐप ने सबसे ज्यादा बैटरी इस्तेमाल की है। इसके बाद कम इस्तेमाल होने वाले ऐप्स की Background Activity सीमित करें और अनावश्यक लोकेशन, ब्लूटूथ तथा नोटिफिकेशन परमिशन बंद करें।

स्क्रीन की ब्राइटनेस कम या Adaptive Brightness पर रखें। Battery Saver का उपयोग जरूरत के समय करें और ऐप्स तथा फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें। अपडेट में कई बार परफॉर्मेंस सुधार और बैटरी ऑप्टिमाइजेशन से जुड़े बदलाव शामिल होते हैं।


हर फोन में वजह अलग, रिपोर्ट देखे बिना ऐप को दोष न दें

बैटरी की खपत फोन के मॉडल, बैटरी की उम्र, नेटवर्क की स्थिति, स्क्रीन टाइम और ऐप इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करती है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि हर फोन में एक ही Google ऐप सबसे ज्यादा बैटरी खर्च करे।

यदि किसी ऐप का बैटरी उपयोग असामान्य रूप से अधिक दिखाई दे रहा है, तो पहले ऐप अपडेट करें, फोन रीस्टार्ट करें और उसकी बैकग्राउंड गतिविधि जांचें। समस्या लगातार बनी रहने पर बैटरी की स्थिति और हार्डवेयर की जांच भी करानी पड़ सकती है।


संबंधित खबरें

MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा आज से: 2428 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी; CCTV-बायोमेट्रिक से होगी जांच
Tech

MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा आज से: 2428 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी; CCTV-बायोमेट्रिक से होगी जांच

MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 की शुरुआत 7 सितंबर से हो रही है। 12 सितंबर तक चलने वाली परीक्षा के लिए इंदौर में 6 केंद्र बनाए गए हैं। अभ्यर्थियों को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। इस बार पहचान और सुरक्षा के लिए CCTV, बायोमेट्रिक और ई-प्रवेश पत्र स्कैनिंग समेत त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई है।

पूरा खबर
हर दिन 26 करोड़ से ज्यादा ‘संदिग्ध’ कॉल-मैसेज! 3 महीने का आंकड़ा देख चौंक जाएंगे, TRAI ने बताया फोन पर कैसे फैल रहा स्पैम
Tech

हर दिन 26 करोड़ से ज्यादा ‘संदिग्ध’ कॉल-मैसेज! 3 महीने का आंकड़ा देख चौंक जाएंगे, TRAI ने बताया फोन पर कैसे फैल रहा स्पैम

अप्रैल-जून 2026 के बीच भारत में 24.4 अरब से ज्यादा कॉल और SMS संभावित स्पैम के रूप में फ्लैग हुए। कार्रवाई में हजारों कनेक्शन बंद किए गए और 263 बल्क सेंडर्स ब्लैकलिस्ट हुए।

पूरा खबर
क्रिएटर बाहर, ‘स्कैमर’ अंदर कैसे? Meta के Copyright Tool पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, Rights Manager की चाबी किसके हाथ
Tech

क्रिएटर बाहर, ‘स्कैमर’ अंदर कैसे? Meta के Copyright Tool पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, Rights Manager की चाबी किसके हाथ

दिल्ली हाईकोर्ट ने Meta के Rights Manager सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि असली क्रिएटर्स को टूल का एक्सेस नहीं मिला, जबकि फर्जी दावों के जरिए उन्हीं के कंटेंट पर स्ट्राइक लगाई गई।

पूरा खबर
आपकी स्क्रीन पर क्या दिखेगा, कौन तय करता है? सोशल मीडिया के ‘अदृश्य खेल’ पर सरकार सख्त, Meta से एल्गोरिदम का मांगा हिसाब
Tech

आपकी स्क्रीन पर क्या दिखेगा, कौन तय करता है? सोशल मीडिया के ‘अदृश्य खेल’ पर सरकार सख्त, Meta से एल्गोरिदम का मांगा हिसाब

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कौन-सी पोस्ट ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी और कौन-सी पीछे रह जाएगी—सोशल मीडिया के इसी एल्गोरिदम को लेकर केंद्र सरकार की चिंता बढ़ी है। Meta की वैश्विक टीम से एल्गोरिदम और कंटेंट मॉडरेशन की कार्यप्रणाली समझी जा रही है। राजनीतिक और संवेदनशील कंटेंट, डीपफेक तथा बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री जैसे मामलों में सरकार ने केवल AI पर निर्भर रहने के बजाय मानव निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है।

पूरा खबर