मंदसौर से इंदौर तक ब्राउन शुगर की सप्लाई, क्राइम ब्रांच ने मुख्य सप्लायर अय्यूब को दबोचा; ई-रिक्शा चालक से खुली कड़ी
इंदौर क्राइम ब्रांच ने ब्राउन शुगर सप्लाई करने के आरोप में मंदसौर निवासी अय्यूब कुरैशी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को यह सुराग पहले गिरफ्तार किए गए ई-रिक्शा चालक राहुल सौदागर से पूछताछ के दौरान मिला था। राहुल के पास से 18.89 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई थी। अब पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

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इंदौर में नशे के कारोबार की एक और कड़ी पुलिस के हाथ लगी है। इस बार जांच उस व्यक्ति तक पहुंची है, जिस पर मंदसौर से ब्राउन शुगर इंदौर तक पहुंचाने का आरोप है।
क्राइम ब्रांच ने अय्यूब कुरैशी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक उसके बारे में जानकारी एक ऐसे व्यक्ति से मिली थी, जिसे पहले ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में सामने आई जानकारी के बाद टीम ने मंदसौर निवासी अय्यूब तक पहुंचने के लिए कार्रवाई शुरू की।
अरविंदो चौराहे के पास पकड़ा गया था राहुल
मामले की शुरुआत 31 अगस्त को हुई थी। क्राइम ब्रांच की टीम को पंचमुखी हनुमान मंदिर रोड और अरविंदो लवकुश चौराहे के आसपास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी।
पुलिस ने घेराबंदी कर राहुल सौदागर को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसकी जींस की जेब से 18.89 ग्राम ब्राउन शुगर मिली। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.80 लाख रुपये बताई।
राहुल पेशे से ई-रिक्शा चालक है।
पूछताछ में सामने आया मंदसौर का कनेक्शन
राहुल से पूछताछ के दौरान पुलिस को ब्राउन शुगर की सप्लाई से जुड़ी जानकारी मिली। उसने पुलिस को बताया कि उसे यह नशीला पदार्थ मंदसौर निवासी अय्यूब कुरैशी से मिला था।
इसके बाद क्राइम ब्रांच ने राहुल की निशानदेही और मिली जानकारी के आधार पर अय्यूब की तलाश शुरू की।
दिहाड़ी मजदूर से सप्लायर तक पहुंची जांच
पुलिस के मुताबिक अय्यूब दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा राहुल और अय्यूब तक सीमित नहीं है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अय्यूब को ब्राउन शुगर कौन उपलब्ध कराता था और मंदसौर से इंदौर तक इसकी सप्लाई किस तरीके से होती थी।
NDPS की धारा 29 भी जोड़ी गई
मामले में पुलिस ने NDPS एक्ट की धारा 29 भी बढ़ाई है। यह कार्रवाई कथित तौर पर नशीले पदार्थ की सप्लाई और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम है।
अब पुलिस उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो इस कथित सप्लाई चेन में अय्यूब और राहुल से जुड़े हो सकते हैं।
इंदौर में किन लोगों तक पहुंच रहा था नशा?
क्राइम ब्रांच के सामने अब सबसे बड़ा सवाल ब्राउन शुगर के अंतिम खरीदारों और नेटवर्क के विस्तार का है।
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इंदौर में यह माल किन लोगों तक पहुंचाया जाता था, क्या राहुल अकेला खरीदार था या उसके अलावा भी कई ग्राहक थे और मंदसौर से आने वाली सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा है।
पुलिस की आगे की पूछताछ से इस नेटवर्क के दूसरे नाम सामने आने की उम्मीद है।
इस साल 138 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से अब तक NDPS एक्ट के 65 मामलों में 138 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में 2.97516 किलोग्राम MD ड्रग्स, 28.338 किलोग्राम गांजा, 500 किलोग्राम भांग, 327.42 ग्राम ब्राउन शुगर और 10 ग्राम कोकीन सहित करीब 3 करोड़ 73 लाख 98 हजार रुपये कीमत के मादक पदार्थ और वाहन जब्त किए गए हैं।
अय्यूब की गिरफ्तारी के बाद अब जांच इस बात पर टिकी है कि मंदसौर से शुरू हुई यह सप्लाई इंदौर में कितने लोगों तक पहुंच रही थी और इसके पीछे असली सप्लाई चैन कौन चला रहा था।
