LIVE
ताज़ा समाचार लोड हो रहे हैं...
होम
मध्य प्रदेश की बड़ी खबरों में इंदौर की पेयजल व्यवस्था, भागीरथपुरा जांच रिपोर्ट और प्रदेश में बारिश का अलर्ट प्रमुख रहा।
भारत प्रत्यर्पण से पहले ओमान में हिरासत में बैठे कथित मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ने जांच एजेंसियों के सामने राजनीतिक कनेक्शन, वित्तीय लेन-देन और विदेशी संपत्तियों की जानकारी देने की इच्छा जताई है, लेकिन बदले में विटनेस प्रोटेक्शन जैसी सुरक्षा मांगी है।
Chhattisgarh
ई-पेपर

महादेव सट्टा केस: सौरभ चंद्राकर ने मांगी खुद और परिवार की सुरक्षा, राजनेताओं-अफसरों से कनेक्शन पर बड़े खुलासे का दावा

Digital News Desk2 min read22/08/26

भारत प्रत्यर्पण से पहले ओमान में हिरासत में बैठे कथित मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ने जांच एजेंसियों के सामने राजनीतिक कनेक्शन, वित्तीय लेन-देन और विदेशी संपत्तियों की जानकारी देने की इच्छा जताई है, लेकिन बदले में विटनेस प्रोटेक्शन जैसी सुरक्षा मांगी है।

Lokswami AI

रायपुर : महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में कथित मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ने भारत प्रत्यर्पित किए जाने से पहले अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ओमान में हिरासत के दौरान चंद्राकर ने वहां के अधिकारियों के सामने आशंका जाहिर की कि भारत की जेल में उसकी जान को खतरा हो सकता है। उसने खुद के साथ-साथ अपने परिवार के लिए भी सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल चंद्राकर ओमान में हिरासत में है और उसे भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

राजनीतिक कनेक्शन और वित्तीय लेन-देन पर जानकारी देने का दावा

सूत्रों के मुताबिक, चंद्राकर ने भारतीय जांच एजेंसियों के सामने महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करने की इच्छा जताई है। उसके अनुसार, वह कथित राजनीतिक संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और विदेशों में मौजूद संपत्तियों से जुड़े तथ्यों की जानकारी दे सकता है। हालांकि इसके बदले उसने अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी है। सूत्रों के अनुसार, वह भारत आकर जांच एजेंसियों और अदालत के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए तैयार है, लेकिन चाहता है कि उसे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों से अलग और सुरक्षित रखा जाए, ताकि वह बिना दबाव के बयान दे सके।

विटनेस प्रोटेक्शन और सुरक्षा की मांग

चंद्राकर ने अपनी सुरक्षा के साथ परिवार के लिए भी विटनेस प्रोटेक्शन जैसी व्यवस्था की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, उसने यह आशंका जताई है कि मामले में प्रभावशाली लोगों के कथित तौर पर जुड़े होने के कारण उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा उसने पूछताछ के दौरान न्यायिक निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक व दस्तावेजी सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग भी की है।

प्रत्यर्पण की प्रक्रिया

इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर ओमान पुलिस ने चंद्राकर को हिरासत में लिया था और अब भारतीय एजेंसियां प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। हालांकि ओमान में उसके खिलाफ एक अलग कानूनी कार्यवाही भी चल रही है, जिसे उसने अपने वकील के जरिए चुनौती दी है। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा की मांग को किसी तरह की कानूनी छूट नहीं माना जाएगा और उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच व कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

संबंधित खबरें

4 महीने से अटकी कचरा प्रबंधन की रिपोर्ट, छत्तीसगढ़ के कलेक्टरों को अब 7 दिन का अल्टीमेटम
Chhattisgarh

4 महीने से अटकी कचरा प्रबंधन की रिपोर्ट, छत्तीसगढ़ के कलेक्टरों को अब 7 दिन का अल्टीमेटम

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधाओं के निरीक्षण और ऑडिट के लिए जिलों को निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय समय के बाद भी रिपोर्ट शासन तक नहीं पहुंची। अब नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी कलेक्टरों से प्राथमिकता के आधार पर रिपोर्ट मांगी है।

पूरा खबर
13 साल बाद झीरम घाटी कांड में आया फैसला, NIA कोर्ट ने 10 आरोपियों को ठहराया दोषी; 16 सितंबर को सजा पर फैसला
Chhattisgarh

13 साल बाद झीरम घाटी कांड में आया फैसला, NIA कोर्ट ने 10 आरोपियों को ठहराया दोषी; 16 सितंबर को सजा पर फैसला

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में 13 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने मामले में सुनवाई का सामना कर रहे सभी 10 जीवित आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने 27 हत्याओं और 15 हत्या के प्रयास से जुड़े आरोपों में दोष सिद्ध किया है। अब सजा की अवधि पर 16 सितंबर को सुनवाई होगी।

पूरा खबर
मौत के 42 दिन बाद सिस्टम बोला—‘आप स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं’; अंबिकापुर में सरकारी मैसेज ने परिवार को फिर किया आहत
Chhattisgarh

मौत के 42 दिन बाद सिस्टम बोला—‘आप स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं’; अंबिकापुर में सरकारी मैसेज ने परिवार को फिर किया आहत

अंबिकापुर में एक आरक्षक की मौत के 42 दिन बाद उनके परिवार के मोबाइल पर आयुष्मान सारथी से संदेश आया कि मरीज स्वस्थ होकर घर जा रहा है। परिवार ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

पूरा खबर
₹2,524 करोड़ की सिकासार-कोडार परियोजना को हाईकोर्ट से राहत, दिलीप बिल्डकॉन के टेंडर पर लगी मुहर
Chhattisgarh

₹2,524 करोड़ की सिकासार-कोडार परियोजना को हाईकोर्ट से राहत, दिलीप बिल्डकॉन के टेंडर पर लगी मुहर

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सिकासार-कोडार जल परियोजना के टेंडर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने टेंडर प्रक्रिया में प्रथम दृष्टया कोई कानूनी खामी नहीं मानी। फैसले के बाद दिलीप बिल्डकॉन की पात्रता बरकरार रही और करीब ₹2,524 करोड़ की परियोजना का रास्ता साफ हो गया।

पूरा खबर